नमस्ते! मैं हूँ दीपक, आपका फाइनेंस दोस्त। आज जानेंगे कि कैसे 3 साल में SIP के ज़रिए आप अपना इमरजेंसी फंड बना सकते हैं। यह आपकी फाइनेंशियल जर्नी की सबसे अहम सीढ़ी है।
यह आपका 'फाइनेंशियल सेफ्टी नेट' है जो अचानक आने वाली मुश्किलों से बचाता है। नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी – यह हर अनचाही घटना के लिए आपको आर्थिक रूप से तैयार करता है।
अपने मासिक खर्चों का 3 से 6 गुना इमरजेंसी फंड रखें। जैसे, अगर आपके खर्च ₹35,000/माह हैं, तो 6 महीने का टारगेट ₹2,10,000 होगा। ये आपकी सैलरी नहीं, खर्चे हैं!
प्रिया को ₹2,10,000 चाहिए 3 साल में। 7% वार्षिक रिटर्न मानकर, उन्हें हर महीने लगभग ₹5,300 की SIP करनी होगी। यह लो-रिस्क विकल्पों के लिए है।
इमरजेंसी फंड के लिए इक्विटी नहीं, बल्कि सुरक्षित विकल्प चुनें: 1. लिक्विड फंड्स 2. अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स 3. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स। ये सुरक्षा और लिक्विडिटी देते हैं।
अपने इमरजेंसी फंड को इक्विटी में निवेश न करें। इसे सिर्फ सेविंग अकाउंट में न रखें। ज़रूरत से कम/ज्यादा फंड न बनाएं। इसे दूसरे गोल्स के लिए इस्तेमाल न करें। लक्ष्य की समीक्षा करते रहें।
अपने मासिक खर्चों का हिसाब लगाएं, इमरजेंसी फंड का टारगेट सेट करें और जानें आपको कितनी SIP करनी है। SIP कैलकुलेटर के लिए हमारी वेबसाइट sipplancalculator.in पर जाएँ! #SIPPlan