नमस्ते दोस्तों! मैं दीपक। म्युचुअल फंड को लेकर कई गलतफहमियां हैं जो आपको निवेश से रोकती हैं। आज हम 5 ऐसे मिथकों की सच्चाई जानेंगे और आपकी निवेश यात्रा शुरू करेंगे।
नहीं! यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। आप SIP के जरिए मात्र ₹100 या ₹500 प्रति माह से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। छोटे निवेश भी लंबे समय में बड़ी पूंजी बन सकते हैं। यह सबके लिए है!
हाँ, जोखिम होता है, पर 'बहुत जोखिम भरा' कहना पूरी सच्चाई नहीं। इक्विटी, डेट, हाइब्रिड जैसे कई फंड्स हैं। डाइवर्सिफिकेशन और लंबी अवधि का निवेश जोखिम को कम करता है।
अधिकांश म्युचुअल फंड 'ओपन-एंडेड' होते हैं। आप अपनी यूनिट्स बेचकर 2-3 कार्य दिवस में पैसा निकाल सकते हैं। केवल ELSS जैसे कुछ फंड्स में 3 साल का लॉक-इन होता है।
मार्केट को 'टाइम' करना लगभग असंभव है। SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) 'रूपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा देता है। नियमित निवेश ही सबसे अच्छी रणनीति है, न कि टाइमिंग।
नहीं, म्युचुअल फंड में रिटर्न की कोई 'गारंटी' नहीं होती। यह बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं और रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं। ऐतिहासिक प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं।
अब जब आपने मिथकों की सच्चाई जान ली है, तो अपना पहला कदम उठाएं। अपनी निवेश योजना बनाएं और हमारे SIP, Goal या SIP स्टेप-अप कैलकुलेटर का उपयोग करें: sipplancalculator.in