मार्च आते ही सिर्फ 80C याद आता है? जानें म्युचुअल फंड से टैक्स बचाने के स्मार्ट तरीके, 80C के दायरे से बाहर भी!
ELSS म्युचुअल फंड धारा 80C में टैक्स बचाने का लोकप्रिय विकल्प हैं। इनमें 3 साल का लॉक-इन और इक्विटी जैसा ग्रोथ पोटेंशियल है। पर, ये टैक्स प्लानिंग की सिर्फ शुरुआत है!
इक्विटी म्युचुअल फंड्स में 1 साल से ज़्यादा निवेश पर ₹1 लाख तक का LTCG (लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन) टैक्स-फ्री है। उससे ऊपर सिर्फ 10% टैक्स! FD से बेहतर है ये विकल्प।
डेट म्युचुअल फंड्स में 3 साल से ज़्यादा निवेश पर इंडेक्सेशन का लाभ मिलता है। इससे आपकी खरीद लागत महंगाई के हिसाब से एडजस्ट होती है और टैक्सेबल गेन कम हो जाता है।
डिविडेंड पर अब टैक्स लगता है। SWP (सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान) से आप म्युचुअल फंड से टैक्स-एफिशिएंट तरीके से रेगुलर इनकम पा सकते हैं, LTCG व इंडेक्सेशन का लाभ लेते हुए।
ELSS, फ्लेक्सी-कैप, इंडेक्स या हाइब्रिड - अपने लक्ष्यों और जोखिम क्षमता के हिसाब से फंड चुनें। मार्च के इंतज़ार या सिर्फ रिटर्न के पीछे भागने जैसी गलतियों से बचें।
टैक्स बचत और वेल्थ क्रिएशन के लिए सही प्लानिंग ज़रूरी है! अपने वित्तीय लक्ष्यों के लिए SIP और गोल कैलकुलेटर का उपयोग करें। विजिट करें: sipplancalculator.in