नमस्ते दोस्तों! क्या दिसंबर आते ही टैक्स बचाने की चिंता सताती है? ELSS पॉपुलर है, पर क्या यह टैक्स प्लानिंग का एकमात्र तरीका है? आइए जानें म्युचुअल फंड के अन्य स्मार्ट विकल्प।
ELSS (80C) ₹1.5 लाख तक की छूट और 3 साल के लॉक-इन के साथ लोकप्रिय है। लेकिन, सिर्फ ELSS ही क्यों? क्या आपकी अधिक इनकम के लिए यह पर्याप्त है? क्या सिर्फ टैक्स बचाने के लिए आप इक्विटी में ज्यादा जोखिम ले रहे हैं?
80C की सीमा ₹1.5 लाख तक है। इससे ज़्यादा इनकम वाले क्या करें? हमें 80C से बाहर के उन म्यूचुअल फंड विकल्पों पर गौर करना होगा, जो सीधे टैक्स नहीं बचाते, पर टैक्स-एफिशिएंट रिटर्न देते हैं।
इक्विटी म्युचुअल फंड्स में 1 साल से ज़्यादा निवेश? ₹1 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स-फ्री! उसके ऊपर 10% टैक्स। यह सीधा 'बचाना' नहीं, बल्कि 'कम' टैक्स देना है।
डेट म्युचुअल फंड्स में 3 साल से ज़्यादा निवेश पर इंडेक्सेशन का फायदा। यह महंगाई के हिसाब से खरीद मूल्य एडजस्ट करता है, टैक्सेबल मुनाफ़ा कम होता है, फिर 20% टैक्स लगता है।
सिर्फ टैक्स बचाने के लिए निवेश न करें। अपने फाइनेंशियल गोल्स से जोड़ें। लंबी अवधि के लिए इक्विटी, मध्यम के लिए हाइब्रिड चुनें। आखिरी मिनट की हड़बड़ी और रिस्क प्रोफाइल नज़रअंदाज़ करने से बचें।
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