क्या आप भी सिर्फ ELSS पर निर्भर हैं? टैक्स बचाने के कई स्मार्ट तरीके हैं! आइए जानें ELSS के अलावा और कौन से म्युचुअल फंड आपको टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं।
ELSS धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती देता है और 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। इसमें इक्विटी का एक्सपोजर होता है। पर क्या यह हमेशा आपके लिए 'सबसे अच्छा' विकल्प है?
3 साल से ज़्यादा के डेट फंड निवेश पर आपको इंडेक्सेशन बेनिफिट मिलता है। यह महंगाई के प्रभाव को एडजस्ट करके आपके टैक्सेबल गेन को कम करता है, जिससे आप कम टैक्स देते हैं।
इक्विटी-ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड्स (65% से ज़्यादा इक्विटी) में 1 साल से ज़्यादा के निवेश पर ₹1 लाख तक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स-फ्री होता है। ये बाजार के उतार-चढ़ाव को भी मैनेज करते हैं।
सिर्फ 80C ही नहीं! NPS (धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 अतिरिक्त), हेल्थ इंश्योरेंस (80D) और होम लोन इंटरेस्ट (24B) भी आपकी टैक्स देनदारी कम करने में सहायक हैं। स्मार्ट प्लानिंग करें।
मार्च में हड़बड़ी में निवेश न करें। सिर्फ टैक्स के लिए नहीं, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश करें। अपनी रिस्क प्रोफाइल समझें और पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा करना न भूलें।
ELSS के अलावा भी कई विकल्प हैं। अपनी रिस्क प्रोफाइल और लक्ष्यों के अनुसार सही SIP प्लान चुनें। अपने भविष्य के लिए आज ही बेहतर योजना बनाने के लिए sipplancalculator.in पर जाएं।