सुरक्षित विकल्प चुनें, अपनी वित्तीय सुरक्षा मजबूत करें। जानें कैसे आप अपने इमरजेंसी फंड को महंगाई से बचाकर, ज़रूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं।
अप्रत्याशित खर्चों (नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी) से बचाता है। सिर्फ सेविंग में रखने से महंगाई उसकी वैल्यू घटाती है। दीपक की सलाह: अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें!
अपने 3-6 महीने के ज़रूरी खर्चों के बराबर फंड बनाएँ। शादीशुदा या EMI वाले 6-12 महीने का सोचें। उदाहरण: ₹40k खर्च = ₹1.2 - ₹2.4 लाख फंड।
इक्विटी फंड्स में इमरजेंसी फंड डालना एक *बड़ी गलती* है! इसका पहला नियम है 'सुरक्षा और तरलता', रिटर्न नहीं। कुछ डेब्ट फंड्स ही इस ज़रूरत को पूरा करते हैं।
लिक्विड फंड्स व अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स सबसे अच्छे विकल्प हैं। कम जोखिम, अच्छी तरलता (तुरंत रिडीम)। सेविंग अकाउंट से बेहतर रिटर्न। क्रेडिट क्वालिटी व कम एक्सपेंस रेश्यो देखें।
इसे 'सुरक्षा कवच' समझें, निवेश नहीं। कोई लॉकिंग पीरियड न हो। टैक्सेशन समझें। फंड हाउस की साख देखें। क्रेडिट कार्ड पर निर्भर न रहें।
इमरजेंसी फंड पूरा होने के बाद, अपने दूसरे लक्ष्यों के लिए SIP शुरू करें। अपनी वित्तीय यात्रा की योजना बनाने और निवेश जानने के लिए हमारे SIP कैलकुलेटर का उपयोग करें: sipplancalculator.in/sip-calculator/