सही स्कीम कैसे चुनें और अपने पैसे को बढ़ने का शानदार मौका दें! मार्च की टैक्स टेंशन को खत्म करें और स्मार्ट निवेश करें।
ELSS (Equity Linked Savings Scheme) सेक्शन 80C में ₹1.5 लाख तक टैक्स बचाता है। PPF/FD से कम लॉक-इन (3 साल) और इक्विटी से बेहतर रिटर्न की संभावना इसे खास बनाते हैं।
सिर्फ पिछले रिटर्न नहीं! फंड की कंसिस्टेंसी (5-7 साल), अनुभवी फंड मैनेजर, कम एक्सपेंस रेश्यो और डाइवर्सिफिकेशन देखकर ही सही ELSS स्कीम चुनें।
ELSS इक्विटी से जुड़ा है, इसलिए बाजार का जोखिम होता है। अपनी रिस्क लेने की क्षमता और फाइनेंशियल गोल्स (जैसे बच्चों की शिक्षा) को समझकर ही निवेश करें। लंबी अवधि में रिस्क कम होता है।
सैलरीड प्रोफेशनल्स के लिए SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) बेस्ट है। 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाती है। एकमुश्त निवेश में बाजार टाइमिंग का रिस्क होता है।
आखिरी समय का इंतजार न करें, सिर्फ पिछले रिटर्न पर फोकस न करें। इसे सिर्फ टैक्स टूल नहीं, वेल्थ क्रिएशन टूल मानें। लॉक-इन के बाद तुरंत न निकालें और पोर्टफोलियो की समीक्षा करें।
अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए SIP प्लान और गोल SIP कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। जानें कितना निवेश करना है। sipplancalculator.in पर विजिट करें और अपना भविष्य संवारें!