टैक्स बचत सिर्फ 80C तक सीमित नहीं! जानें वेतनभोगी के लिए म्युचुअल फंड निवेश के ऐसे तरीके जो आपके पूरे पोर्टफोलियो को टैक्स-एफिशिएंट बनाएंगे।
हम में से कई लोग टैक्स प्लानिंग को सिर्फ 80C और ELSS तक समझते हैं। लेकिन जब आपकी सैलरी बढ़ती है या आप नए निवेश करते हैं, तो टैक्स बचाने के और भी स्मार्ट तरीके हैं।
इक्विटी फंड्स से 1 साल बाद ₹1 लाख तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर कोई टैक्स नहीं! हर साल इस छूट का लाभ उठाकर बड़ी बचत करें। इसे 'टैक्स गेन हार्वेस्टिंग' भी कहते हैं।
रिटायरमेंट या नियमित आय के लिए सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) चुनें। यह फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले ज्यादा टैक्स-एफिशिएंट है, क्योंकि इक्विटी फंड्स में LTCG के नियम लागू होते हैं।
बैलेंस एडवांटेज फंड्स (BAFs) बाजार के उतार-चढ़ाव को मैनेज करते हुए इक्विटी का फायदा देते हैं। 65% इक्विटी एक्सपोजर के कारण इन पर भी LTCG के आकर्षक नियम लागू होते हैं।
सिर्फ 80C पर फोकस न करें। कैपिटल गेन्स को समझें। शॉर्ट-टर्म में पैसे निकालने से बचें। ₹1 लाख की LTCG छूट का उपयोग करें और अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश करें।
अपनी बचत को बेहतर निवेश में बदलें और अपने लक्ष्यों को पाएं! SIP कैलकुलेटर का उपयोग करके देखें कि आपका निवेश समय के साथ कितना बढ़ सकता है। आज ही sipplancalculator.in पर कैलकुलेट करें!