नमस्कार दोस्तों, मैं दीपक हूँ! आज बात करेंगे एक ऐसे ज़रूरी टॉपिक पर जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं – इमरजेंसी फंड।
यह अप्रत्याशित स्थितियों जैसे नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी या बड़े खर्चों से निपटने के लिए आपका पहला सुरक्षा कवच है। यह आपको वित्तीय संकट से बचाता है।
सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में रखने से महंगाई आपके पैसे की वैल्यू घटाती है! इमरजेंसी फंड को 2 हिस्सों में बांटें: लिक्विड और थोड़ा बेहतर रिटर्न वाले विकल्प।
पहला हिस्सा (3-6 माह के खर्चे) बैंक/लिक्विड फंड्स में रखें। दूसरा (6-12 माह+) अल्ट्रा-शॉर्ट या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स में, लेकिन रिस्क समझकर।
अपने आवश्यक मासिक खर्चों को 3 से 6 महीने से गुणा करें। जैसे ₹35,000 मासिक खर्च के लिए ₹1.05 लाख (3 माह) या ₹2.10 लाख (6 माह) का फंड।
इसे इन्वेस्टमेंट न समझें, पर्याप्त फंड बनाएं, हर साल अपडेट करें, इक्विटी फंड्स में न डालें और इस्तेमाल के बाद तुरंत फिर से भरें।
अपने मासिक खर्चों की लिस्ट बनाएं, लक्ष्य तय करें और SIP शुरू करें। हमारा SIP कैलकुलेटर आपको लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करेगा। याद रखें, यह मानसिक शांति की पहली सीढ़ी है।