क्या आप जानते हैं कि इमरजेंसी फंड सिर्फ सेविंग अकाउंट या FD से भी बेहतर हो सकता है? जानें कैसे म्युचुअल फंड आपकी मदद कर सकते हैं!
अप्रत्याशित संकटों (जैसे नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी) से बचाव के लिए 3-12 महीने के खर्च अलग रखें। सेविंग/FD सुरक्षित पर महंगाई का असर कम होता है।
सेविंग अकाउंट या FD महंगाई से लड़ नहीं पाते और आपका पैसा अपनी क्रय शक्ति खोता है। इक्विटी MF अस्थिर होते हैं, आपातकाल के लिए बहुत जोखिम भरे हैं।
इक्विटी नहीं, डेट म्यूचुअल फंड! लिक्विड और अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स सरकारी बॉन्ड्स जैसे सुरक्षित निवेशों में पैसा लगाते हैं। ये सेविंग से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
लिक्विड फंड्स (तुरंत पहुँच, कम जोखिम), अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन (थोड़ा अधिक रिटर्न/जोखिम) या शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स (बचे हुए फंड के लिए)। 'लो' या 'लो टू मॉडरेट' रिस्क चुनें।
टियर 1: सेविंग (तत्काल पहुँच, 1-2 माह के खर्च)। टियर 2: लिक्विड/अल्ट्रा-शॉर्ट फंड (2-4 माह के खर्च)। टियर 3: शॉर्ट ड्यूरेशन फंड (बचे हुए फंड के लिए, यदि 6 माह से अधिक)।
अपना इमरजेंसी फंड मज़बूत करें! अपनी वित्तीय यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए आज ही योजना बनाएं। SIP और गोल SIP कैलकुलेटर के लिए sipplancalculator.in पर जाएँ। Mutual Fund investments are subject to market risks, read all scheme related documents carefully.