नमस्ते, मैं दीपक! भारतीय निवेशकों का सबसे बड़ा सवाल: एकमुश्त रकम (Lump Sum) लगाएँ या हर महीने SIP करें? आइए, भारतीय बाजार के हिसाब से सही तरीका जानें।
एक साथ बड़ी रकम डालना। यह तब काम आता है जब आपको लगता है बाजार निचले स्तर पर है। पर 'सही समय' जानना बहुत मुश्किल है, गलत समय पर बड़ा जोखिम हो सकता है।
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। हर महीने एक तय रकम का निवेश। 'रूपी कॉस्ट एवरेजिंग' से बाजार के उतार-चढ़ाव का डर नहीं। छोटी रकम से भी कर सकते हैं शुरुआत।
भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है। बाजार को टाइम करना लगभग असंभव है। SIP लंबे समय में औसत लागत को कम करके बेहतर रिटर्न देती है। यह सबसे व्यावहारिक तरीका है।
अगर आपके पास एकमुश्त बड़ी रकम है, तो सीधे लंपसम से बचें। उसे पहले लिक्विड फंड में रखकर धीरे-धीरे STP (Systematic Transfer Plan) के जरिए इक्विटी फंड में ट्रांसफर करें। यह सुरक्षित और फायदेमंद है!
बाजार को टाइम करने की कोशिश न करें। बाजार गिरने पर SIP कभी न रोकें, क्योंकि तब आपको सस्ती यूनिट्स मिलती हैं। डर के मारे निवेश शुरू न करना भी बड़ी गलती है।
नियमित आय के लिए SIP सबसे भरोसेमंद है। बड़ी एकमुश्त रकम के लिए STP अपनाएँ। अपने लक्ष्यों के लिए कितनी SIP चाहिए? हमारे कैलकुलेटर का उपयोग करें: sipplancalculator.in