राहुल को बोनस मिला तो उसने एक साथ पैसा लगाया, प्रिया हर महीने SIP करती है। इन दोनों में से किसने सही रास्ता चुना? आइए जानें!
SIP हर महीने छोटी राशि निवेश करने की आदत है। यह 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा देता है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव में आपके जोखिम को कम करता है।
जब बाजार नीचे होता है, तो आपको ज़्यादा यूनिट्स मिलती हैं। लंबी अवधि में आपकी औसत लागत कम होती है। नए निवेशकों के लिए यह एकदम सही है।
एक साथ बड़ी राशि निवेश करना 'लम्पसम' कहलाता है। बाजार में बड़ी गिरावट या अचानक बड़े बोनस मिलने पर यह फायदेमंद हो सकता है।
बाजार के सबसे निचले स्तर का पता लगाना लगभग असंभव है। गलत समय पर लम्पसम निवेश करने से तुरंत नुकसान दिखने का डर रहता है।
नियमित आय वालों के लिए SIP सबसे मुफीद है। अगर बड़ा पैसा है, तो उसे एक साथ लगाने के बजाय STP (सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान) अपनाएं।
अपने लक्ष्यों के लिए सही निवेश चुनें। SIP और गोल कैलकुलेटर का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: sipplancalculator.in