म्युचुअल फंड में निवेश का कौन सा तरीका बेहतर है - एकमुश्त या हर महीने? आइए समझते हैं आपकी ज़रूरतों के हिसाब से सही रास्ता।
हर सैलरीड प्रोफेशनल के मन में ये सवाल आता है: बोनस/बड़ी रकम एक साथ लगाएं (लम्पसम) या हर महीने थोड़ा-थोड़ा (SIP)? आपके लिए क्या सही है, आइए जानते हैं।
एक बड़ी रकम एक साथ निवेश करना। मार्केट गिरने पर लगाया तो बंपर रिटर्न संभव। पर मार्केट को टाइम करना बेहद मुश्किल है, इसमें जोखिम ज़्यादा होता है। 'पिछला प्रदर्शन भविष्य का संकेत नहीं'।
हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट निवेश करना। 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' से मार्केट के उतार-चढ़ाव का डर कम होता है। अनुशासन सिखाता है, लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाता है।
अगर मार्केट से डर लगता है तो SIP चुनें। बड़ी रकम हो और मार्केट अनिश्चित हो तो STP (सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान) अपनाएं। लंबे लक्ष्यों के लिए SIP सबसे बेहतर है।
मार्केट को टाइम करने की कोशिश न करें। मार्केट गिरने पर SIP बंद करना सबसे बड़ी गलती है। सिर्फ 'हॉट' फंड्स के पीछे न भागें। पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करें।
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