क्या सैलरी बढ़ने पर भी सेविंग्स नहीं बढ़ती? स्टेप-अप SIP है इसका स्मार्ट तरीका। जानें कैसे!
SIP की राशि को अपनी बढ़ती सैलरी के साथ, हर साल एक निश्चित प्रतिशत या अमाउंट से बढ़ाना ही स्टेप-अप SIP है। यह ऑटोमेटिकली आपके निवेश को आय से मैच करता है।
यह महंगाई को मात देता है और कंपाउंडिंग की शक्ति को असीमित कर देता है। हर साल थोड़ी-थोड़ी बढ़ोत्तरी लॉन्ग-टर्म में चौंकाने वाला फर्क लाती है।
घर, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट – स्टेप-अप SIP आपके बड़े फाइनेंसियल गोल्स को समय से पहले पाने में मदद करता है। अपने सपनों तक तेज़ी से पहुंचें।
अपनी सैलरी हाइक के अनुसार 5%, 10% या 15% स्टेप-अप चुनें। हर साल अपनी इन्वेस्टमेंट को रिव्यू करें और ग्रोथ-ओरिएंटेड इक्विटी फंड्स में इन्वेस्ट करें।
SIP बढ़ाना भूलना, मार्केट गिरने पर रोकना या शुरुआत में बहुत बड़ा टारगेट रखना - ये गलतियां न करें। रियलिस्टिक प्लान बनाएं और अपनी रिस्क प्रोफाइल समझें।
हमारी वेबसाइट पर स्टेप-अप SIP कैलकुलेटर का उपयोग करें और जानें कि आपकी आय के साथ निवेश बढ़ाकर आप अपने लक्ष्य कितनी जल्दी पा सकते हैं। अभी चेक करें!