म्युचुअल फंड में निवेश का सबसे बड़ा सवाल!
दीपक, फाइनेंस एक्सपर्ट, बताता है कि सैलरीड प्रोफेशनल्स के पास अक्सर एक ही सवाल होता है: बोनस या बचत को एक साथ लगाएं (लंप सम) या हर महीने थोड़ा-थोड़ा (SIP)?
हर महीने तय रकम निवेश करें! इससे अनुशासन आता है, रुपये कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है (मार्केट गिरने पर ज्यादा यूनिट्स), और कम रिस्क के साथ छोटे अमाउंट से शुरुआत होती है। अनीता की तरह, मार्केट की चिंता नहीं!
एक बड़ी रकम एक बार में निवेश करें। अगर मार्केट निचले स्तर पर पकड़ पाए तो हाई रिटर्न संभव है। पर मार्केट टाइमिंग का बहुत बड़ा रिस्क है! गलत समय पर नुकसान हो सकता है। विक्रम ने कोविड में मौका देखा।
नियमित आय है? SIP बेस्ट! बड़ी रकम मिली? मार्केट हाई है तो STP (6-12 माह SIP)! मार्केट गिरा है तो लंप सम (पर हिस्सों में)। बच्चों की पढ़ाई? टैक्स बचाना? लक्ष्य पर भी ध्यान दें।
मार्केट टाइम न करें, गिरने पर SIP बंद न करें! बिना रिसर्च निवेश न करें। म्युचुअल फंड में कंपाउंडिंग का जादू और लंबा समय ही असली रिटर्न देता है। धैर्य ही सफलता की कुंजी है!
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