आपका दोस्त दीपक बताएगा म्युचुअल फंड निवेश का सही रास्ता!
बोनस हो या सैलरी, निवेश का सवाल आता है। राहुल (₹2 लाख बोनस) और प्रिया (मासिक सैलरी) की तरह आप भी सोचते होंगे - एकमुश्त डालें या हर महीने थोड़ा-थोड़ा? आइए सुलझाते हैं ये उलझन!
सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में आप हर महीने तय रकम निवेश करते हैं। यह डिसिप्लिन्ड सेविंग है, जो मार्केट की उठा-पटक से बचाती है। 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' से आपको ज्यादा यूनिट्स मिलते हैं जब मार्केट गिरता है।
जब कोई बड़ी रकम (बोनस, विरासत) एक साथ निवेश की जाती है, तो उसे लंपसम कहते हैं। सही समय पर (मार्केट गिरने पर) निवेश करने से जल्दी बड़े रिटर्न मिल सकते हैं। लेकिन, गलत टाइमिंग से नुकसान का जोखिम भी रहता है।
रेगुलर इनकम के लिए SIP बेस्ट है। बोनस/बड़ी रकम को सीधे न डालें, STP (Systematic Transfer Plan) अपनाएं। मार्केट क्रैश होने पर Lumpsum एक मौका है, पर टुकड़ों में निवेश बेहतर है!
मार्केट को टाइम करने की कोशिश न करें। मार्केट गिरने पर SIP बंद न करें – यही तो ज्यादा यूनिट्स खरीदने का मौका है! पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और आय बढ़ने पर SIP भी बढ़ाएं।
आपका कौन सा तरीका सही है? अपनी जरूरतों के हिसाब से प्लान करने के लिए हमारे SIP, Step-Up या Goal SIP कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। Visit sipplancalculator.in!