म्युचुअल फंड में निवेश करने के दो मुख्य तरीके हैं। जानें कि आपकी वित्तीय स्थिति और लक्ष्यों के लिए कौन सा विकल्प सबसे अच्छा है।
बोनस मिला है! प्रिया जैसे कई प्रोफेशनल्स सोचते हैं: क्या इस पैसे को सीधा म्युचुअल फंड में डाल दूं (एकमुश्त), या SIP के ज़रिए धीरे-धीरे निवेश करूं? आइए जानें।
SIP आपको नियमित रूप से निवेश करने की आदत डालता है। रुपी कॉस्ट एवरेजिंग से मार्केट उतार-चढ़ाव में औसत लागत कम होती है। छोटे अमाउंट से कंपाउंडिंग का लाभ पाएं!
अगर आप मार्केट के बॉटम को पकड़ लेते हैं, तो एकमुश्त निवेश तेज़ रिटर्न दे सकता है। पर मार्केट टाइमिंग बहुत मुश्किल और जोखिम भरा है; गलत समय पर बड़ा नुकसान हो सकता है।
नए निवेशकों के लिए SIP सबसे सुरक्षित। अनुभवी, अतिरिक्त फंड के साथ मार्केट गिरावट में एकमुश्त सोचें। बड़ी रकम है तो STP (सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान) से रिस्क कम करें।
मार्केट टाइम करने की कोशिश न करें। गिरावट में SIP बंद न करें – इससे नुकसान हो सकता है! सैलरी बढ़ने पर SIP स्टेप-अप करें और अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करते रहें।
ज़्यादातर सैलरीड प्रोफेशनल्स के लिए SIP सबसे समझदार तरीका है। अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए हमारे SIP कैलकुलेटर और SIP स्टेप-अप कैलकुलेटर का उपयोग करें: sipplancalculator.in