अपनी मेहनत की कमाई सही जगह कैसे लगाएँ? जानें SIP और लम्पसम निवेश के फायदे और नुकसान, ताकि आप ले सकें सही फ़ैसला।
SIP यानी Systematic Investment Plan. हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके निवेश करें। 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' से बाज़ार के उतार-चढ़ाव का डर नहीं, औसत लागत कम होती है। नए निवेशकों और सैलरीड प्रोफेशनल्स के लिए बेस्ट।
एक बार में पूरी रकम निवेश करना लम्पसम कहलाता है। बाज़ार की बड़ी गिरावट के बाद या बुलिश मार्केट में ये फायदेमंद हो सकता है। लेकिन गलत समय पर निवेश से नुकसान का जोखिम भी ज़्यादा होता है।
अधिकांश सैलरीड प्रोफेशनल्स के लिए SIP बेहतर है। यह अनुशासन लाता है, रिस्क कम करता है और मासिक आय में आसानी से फिट होता है। बाज़ार को टाइम करने की चिंता नहीं करनी पड़ती।
अगर आपके पास बड़ी रकम है (जैसे बोनस), तो सीधे लम्पसम करने के बजाय STP चुनें। पैसे को 3-6 महीने में डेट फंड से इक्विटी में ट्रांसफर करें। इससे SIP जैसी सुरक्षा और लम्पसम जैसा फायदा मिलता है।
देर से शुरुआत करना, मार्केट गिरने पर SIP रोकना, बिना रिसर्च निवेश और लक्ष्यहीनता आम गलतियाँ हैं। 'टाइम इन द मार्केट, नॉट टाइमिंग द मार्केट' को याद रखें। धैर्य और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
अपने वित्तीय लक्ष्यों को समझें और सही निवेश विकल्प चुनें। जानें कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कितनी SIP चाहिए। हमारे SIP और Goal SIP कैलकुलेटर का उपयोग करें: sipplancalculator.in