आपके पर्सनल फाइनेंस दोस्त दीपक से सीखें म्युचुअल फंड रिटर्न बढ़ाने के सर्वोत्तम टिप्स।
सिर्फ पिछले रिटर्न न देखें। अपनी उम्र, लक्ष्य और जोखिम क्षमता समझें। फ्लेक्सी-कैप, ELSS, या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स पर विचार करें।
अपनी बढ़ती सैलरी के साथ SIP की राशि भी बढ़ाएं (जैसे हर साल 10%)। यह कंपाउंडिंग की शक्ति को बढ़ाएगा और महंगाई को मात देगा।
सिर्फ इक्विटी नहीं, डेट और गोल्ड का मिश्रण रखें। लक्ष्यों के करीब आने पर पोर्टफोलियो रीबैलेंस करें ताकि मुनाफा सुरक्षित रहे।
मार्केट गिरने पर SIP बंद न करें। 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का लाभ उठाएं। लंबे समय (5-15 साल) तक निवेशित रहें, यही रिटर्न का गोल्डन रूल है।
हॉट फंड्स के पीछे न भागें, मार्केट गिरने पर SIP न रोकें, पोर्टफोलियो रिव्यू करें और त्वरित रिटर्न की उम्मीद न रखें।
SIP Calculators से अपनी निवेश क्षमता जानें। Mutual Fund investments are subject to market risks, read all scheme related documents carefully.