म्युचुअल फंड में निवेश का सही रास्ता चुनें और अपने पैसों को स्मार्टली बढ़ाएं!
क्या आपके पास भी बोनस है और सोच रहे हैं एक साथ लगा दें या हर महीने SIP करें? लाखों निवेशक इसी सवाल से जूझते हैं। आइए, जानें आपके लिए क्या है सही।
जब आपके पास एकमुश्त बड़ी रकम हो, उसे एक साथ निवेश करना लम्पसम कहलाता है। फायदा? मार्केट नीचे हो तो ज्यादा रिटर्न। नुकसान? मार्केट टाइमिंग का बड़ा जोखिम, पीक पर लगाने से नुकसान।
हर महीने तय रकम निवेश करना SIP है। इसका जादू है Rupee-Cost Averaging: मार्केट गिरने पर ज़्यादा यूनिट्स, बढ़ने पर कम। यह आपको मार्केट की उठापटक से बचाता है, आदत डालता है।
सैलरीड प्रोफेशनल के लिए SIP 'गोल्ड स्टैंडर्ड' है - तनावमुक्त, अनुशासित तरीका। अगर बड़ी रकम है, तो STP (Systematic Transfer Plan) अपनाएं। लिक्विड फंड से धीरे-धीरे इक्विटी में ट्रांसफर करें!
मार्केट टाइम करने की कोशिश न करें – यह लगभग असंभव है। गिरते मार्केट में SIP बंद करना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि तब आपको सबसे सस्ते में यूनिट्स मिलती हैं।
अपने वित्तीय लक्ष्य (Financial Goals) जानें! Goal SIP और SIP Calculator का उपयोग करें। भविष्य की प्लानिंग करें और अनुशासित होकर निवेश करें। sipplancalculator.in पर जाएँ!