म्युचुअल फंड में निवेश के दो बड़े तरीके। आपके वित्तीय लक्ष्यों के लिए कौन सा है सबसे उपयुक्त? आइए जानें।
एक साथ बड़ी रकम म्युचुअल फंड में डालना। मार्केट अंडरवैल्यूड हो या आपके पास बड़ा फंड हो, तब यह फायदेमंद हो सकता है। पर समय की समझ ज़रूरी है।
हर महीने छोटी फिक्स्ड रकम डालना। रुपी कॉस्ट एवरेजिंग से मार्केट उतार-चढ़ाव की चिंता खत्म। अनुशासित रहने का सबसे आसान तरीका।
अगर मार्केट में बड़ी गिरावट हो, और आपके पास एक बड़ी रकम हो (जैसे बोनस)। ज़्यादा रिस्क लेने वाले निवेशकों के लिए बेहतर हो सकता है।
नियमित आय वाले प्रोफेशनल्स के लिए आदर्श। छोटी बचत को बड़ी पूंजी में बदलना। लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज का भरपूर लाभ मिलता है।
यह आपके फाइनेंशियल गोल, रिस्क लेने की क्षमता और आपके पास उपलब्ध फंड पर निर्भर करता है। दोनों को मिलाकर भी निवेश कर सकते हैं।
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