निवेश का सही तरीका चुनें! जानें म्युचुअल फंड में कब और कैसे लगाएं अपना पैसा। विशेषज्ञ दीपक की सलाह।
SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान): हर महीने तय रकम। लंपसम: एक साथ बड़ी रकम। दोनों का लक्ष्य: म्युचुअल फंड में पैसा बढ़ाना। फर्क निवेश के तरीके और समय का।
बाजार के उतार-चढ़ाव में SIP से औसत खरीद लागत कम होती है। गिरते बाजार में ज़्यादा यूनिट्स, बढ़ते में कम मिलती हैं। यह बाजार की अस्थिरता का जोखिम कम करता है।
अगर बाजार में भारी गिरावट हो (जब यूनिट्स सस्ती हों), तो लंपसम इन्वेस्टमेंट से ज़्यादा यूनिट्स मिलती हैं। बाजार सुधरने पर तेज़ी से मुनाफा मिल सकता है। पर सही समय जानना मुश्किल है।
सैलरीड प्रोफेशनल के लिए SIP बेस्ट है। अगर अचानक बड़ी रकम मिली है, तो STP (सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान) अपनाएं। इसमें लंपसम को लिक्विड फंड में डालकर, इक्विटी में SIP करें।
बाजार को टाइम करने की कोशिश न करें। भावनात्मक निर्णय लेने से बचें। धीरज रखें, म्युचुअल फंड लंबी अवधि के लिए हैं। डाइवर्सिफिकेशन हमेशा ज़रूरी है।
हमारे SIP और गोल SIP कैलकुलेटर का उपयोग करें! Visit sipplancalculator.in और अपने वित्तीय लक्ष्यों की योजना बनाएं। *म्युचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं।