नमस्ते दोस्तों, मैं दीपक हूँ! 8 साल से हजारों प्रोफेशनल्स को म्युचुअल फंड में गाइड कर रहा हूँ। आज सुलझाते हैं ये बड़ा सवाल!
प्रिया, राहुल, अनीता जैसे लोग पूछते हैं, '₹2 लाख का बोनस सीधे लगा दें, या हर महीने SIP करें?' इसका जवाब आपकी जेब, सोच और बाजार की चाल पर निर्भर है।
SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) सैलरीड के लिए पॉपुलर है। हर महीने तय रकम का निवेश आपको अनुशासन सिखाता है। रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग से बाजार के उतार-चढ़ाव का डर कम होता है।
लंपसम यानी एक साथ बड़ी रकम डालना। यह तब फायदेमंद जब बाजार गिरा हो या आपका लक्ष्य 10-15 साल से ज़्यादा का हो। पर बाजार को टाइम करना असंभव है। Past performance is not indicative of future results.
बुल मार्केट में लंपसम, गिरते या अस्थिर बाजार में SIP बेहतर। लंबी अवधि में दोनों का रिटर्न अंतर कम हो जाता है। असली विजेता वह है जो बाजार में लगातार और लंबे समय तक बना रहे।
बड़ी रकम हो तो STP (सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान) चुनें - लिक्विड फंड से इक्विटी में धीरे-धीरे निवेश। मासिक आय के लिए SIP सबसे बेस्ट है। दोनों का कॉम्बिनेशन सबसे अच्छा काम करता है।
अपने वित्तीय लक्ष्यों को पाने के लिए Goal SIP कैलकुलेटर और SIP स्टेप-अप कैलकुलेटर का उपयोग करें। सही रणनीति और धैर्य से वित्तीय सपने पूरे करें। Mutual Funds are subject to market risks.