सैलरी आती है और कब चली जाती है, पता ही नहीं चलता? अब अपनी बचत को काम पर लगाएं और भविष्य सुरक्षित करें। SIP है आपका आसान तरीका!
SIP यानी Systemic Investment Plan. हर महीने एक तय छोटी रकम म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करें। यह मोबाइल बिल की तरह ऑटोमैटिकली कटकर आपकी वेल्थ बढ़ाएगा।
मार्केट में उतार-चढ़ाव का फायदा Rupee-Cost Averaging से पाएं। और अल्बर्ट आइंस्टीन के 'आठवें अजूबे' कंपाउंडिंग की शक्ति से अपनी दौलत कई गुना बढ़ाएं।
अपने गोल्स पहचानें (घर, बच्चे की पढ़ाई, रिटायरमेंट)। रिस्क एपेटाइट, अवधि और कितनी रकम से शुरू करें, तय करें। इमरजेंसी फंड सबसे ज़रूरी है!
सिर्फ़ पिछले रिटर्न पर न भागें। कंसिस्टेंसी, फंड मैनेजर, कम एक्सपेंस रेश्यो और फंड के ऑब्जेक्टिव को देखें। 2-3 अच्छे फंड ही काफी हैं।
मार्केट गिरने पर SIP न रोकें। हॉट फंड्स के पीछे न भागें। बहुत ज़्यादा फंड्स और बिना इमरजेंसी फंड के निवेश करने से बचें। पोर्टफोलियो रिव्यू करें।
अपने फाइनेंशियल गोल्स को हासिल करने के लिए SIP कैलकुलेटर का उपयोग करें। अपना भविष्य खुद बनाएं! विजिट करें: sipplancalculator.in